🎶 कलाकारों की एकता – हमारे उज्ज्वल भविष्य की कुंजी
प्रिय साथियों, राम राम सा, जय बाबे री, जय श्री श्याम
कोरोना काल ने हम सभी कलाकारों को यह सिखाया कि जब कोई बड़ा संकट आता है, तब हमारी कला और आजीविका सबसे पहले प्रभावित होती है। उस समय हम सभी ने मिलकर एक-दूसरे का साथ दिया, लेकिन जैसे ही हालात सामान्य हुए, हम फिर से अपनी-अपनी राह पर लौट आए। यही सबसे बड़ी कमजोरी है – कलाकार कभी लंबे समय तक एकजुट नहीं रह पाते।
हमने सरकार से कई मुद्दे उठाए थे:
सभी कलाकारों के लिए पेंशन योजना लागू की जाए।
महिला कलाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कलाकारों और उनके बच्चों के लिए शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार की गारंटी हो।
लेकिन दुख की बात यह है कि सरकार तब तक हमारी आवाज़ नहीं सुनेगी जब तक हम एकजुट होकर संघर्ष नहीं करेंगे।
राजस्थान सहित पूरे भारत में कलाकारों की एक ही समस्या है – भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि चाहे हम किसी भी भाषा में गाएँ, किसी भी शैली में प्रस्तुत करें या किसी भी देवता का भजन गाएँ – कलाकार सिर्फ कलाकार होता है। कला में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
आज संगीत कलाकार यूनियन और मेरी पहल फास्ट हेल्प आर्टिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (ट्रस्ट) पूरे भारत के 45,000 कलाकारों का परिवार है। यदि हम सब मिलकर जयपुर या स्थानीय स्तर पर एक बैठक करें और ठोस रणनीति बनाएँ, तो हम राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मांगों को मजबूती से रख सकते हैं।
याद रखिए –
👉 अकेला कलाकार कुछ हासिल नहीं कर सकता।
👉 एकजुट होकर संघर्ष करेंगे तो सरकार को भी हमारी मांगें माननी होंगी।
👉 यह संघर्ष केवल हमारे लिए नहीं बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए भी है।
इसलिए, अब समय है कि हम सब मिलकर प्रेम और भाईचारे के साथ आगे बढ़े। हमारी यूनियन हर कलाकार के साथ खड़ी है और संघर्ष के हर मोर्चे पर आपके साथ रहेगी।
एकता में ही शक्ति है।
विजय तिवारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगीत कलाकार यूनियन
(मेरी पहल फ़ास्ट हेल्प आर्टिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन – भारत सरकार से पंजीकृत 4186/2022)
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